अत्याचार (Tyranny)

सहमति के बिना शक्ति का प्रयोग, जहाँ प्राधिकार क्रियाओं को बलपूर्वक थोपता है, संपत्ति छीनता है, या पीड़ित के बिना दंड देता है। अत्याचार अनंत परिवर्तन, प्रोत्साहन और भ्रांतिशीलता की अनदेखी करता है, और सदा हानि में ढह जाता है — सच्चे तंत्र इसे अस्वीकार कर स्वैच्छिक व्यवस्था चुनते हैं।