चोरी (Theft)

दूसरे की वस्तु को बिना सहमति के ले लेना, चाहे वह भौतिक बल द्वारा हो, करों द्वारा, या प्राधिकार के दावे से की गई जब्तियों द्वारा। आवश्यकता, मतदान या परंपरा जैसा कोई नैतिक बहाना इसे वैध नहीं बनाता — तर्क इसे हानि कहता है।