तर्क (Logic)
सोचने की वह परम, अपरिवर्तनीय विधि जो सत्य को असत्य से पहचानती है। यह वह अपरिवर्ती संरचना है जिसे मन तब उद्घाटित करते हैं जब वे विरोध के बिना तर्कबुद्धि लगाने का प्रयास करते हैं। तर्क मनों में उद्भूत होता है, परंतु मनों से उत्पन्न नहीं होता।