विधि (Law)
तर्क परम विधि है। दूसरों के साथ वह मत करो जो वे अपने साथ किया जाना न चाहें, अन्यथा तुम्हारी इच्छा चाहे जो हो, तुम्हें दंडित किया जाएगा। दंड का प्रयोजन है दोष को मिटाना, प्रतिकार और क्षतिपूर्ति के द्वारा। यही संपूर्ण विधि है; इसे बदला नहीं जा सकता, शेष सब व्याख्या मात्र है।