स्वर्ण नियम (Golden Rule Passive Version)
जो स्वयं को न भाए, वह दूसरों के साथ मत करो। यह न्यायप्रियता का मर्म है — इसे तोड़ने पर संतुलन बहाल करने के लिए दंड मिलता है, नियंत्रण के लिए नहीं।
जो स्वयं को न भाए, वह दूसरों के साथ मत करो। यह न्यायप्रियता का मर्म है — इसे तोड़ने पर संतुलन बहाल करने के लिए दंड मिलता है, नियंत्रण के लिए नहीं।