विकेंद्रित ज्ञान (Decentralized Knowledge)
यह विचार कि कोई एक व्यक्ति या समूह यह सब कुछ नहीं जान सकता कि दूसरों को क्या चाहिए, क्या वे चाहते हैं, या क्या कर सकते हैं। जन अपने जीवन को स्वयं सबसे अच्छा जानते हैं, इसलिए केंद्रीय योजनाएँ (जैसे समाजवाद में) विफल होती हैं क्योंकि वे इस बिखरी हुई प्रज्ञा की उपेक्षा करती हैं।