सामूहिक दंड (Collective Punishment)
किसी समूह को उसके एक या कुछ सदस्यों की क्रियाओं के लिए दंडित करना, व्यक्तिगत दोष की परवाह किए बिना। सामूहिक दंड सदैव निर्दोष पीड़ित रचता है और इसलिए अन्याय है।
किसी समूह को उसके एक या कुछ सदस्यों की क्रियाओं के लिए दंडित करना, व्यक्तिगत दोष की परवाह किए बिना। सामूहिक दंड सदैव निर्दोष पीड़ित रचता है और इसलिए अन्याय है।