बाजार (Market)

स्वैच्छिक व्यापार खातिर एगो जगह (भौतिक भा अमूर्त) जहाँ आपूर्ति, माँग अउरी अभाव से दाम उभरे ला। बाजार अनंत परिवर्तन के बिना कवनो प्राधिकार भा बल के, अपने आप समायोजित हो के सम्भाले ला। बाजार में दखल देबे से (जइसे दाम पर नियंत्रण) प्रोत्साहन अउरी ज्ञान के अनदेखी कर के हानि अउरी पीड़ित पैदा होखे ला।