झूठ (Lie / Lying)

केहू के ठगे खातिर ऊ चीज़ कहल जेकरा के तू झूठ जानत बाड़अ। झूठ स्वैच्छिक व्यापार अउरी भरोसा के हानि पहुँचावे ला, काहेकि ऊ लोग के ई जाने से रोक देला कि ऊ असल में काहे पर राज़ी हो रहल बा।