अनुबंध-भंग (Contract Breach)
कवनो अलग गलत काम ना। ई नाँव ओह तंत्र सभ से आइल जे अनुबंध के एगो बान्हे वाला वादा मानेला, अउरी स्वत्व-हस्तांतरण के तहत एकरा नाँव देवे लायक कुछुओ ना बाँचल। जहाँ अनुबंध स्वत्व सरका देले बा अउरी धारक ऊ चीज़ रोक के रखे ला, उहाँ ऊ चोरी ह, अउरी नया मालिक पीड़ित ह। जहाँ हस्तांतरण के शर्त पूरा ना भइल, उहाँ कवनो स्वत्व ना सरकल, एह से धारक कुछुओ ना लेलस अउरी केहू के कवनो दावा ना। जहाँ पक्ष लोग नाकामी पर जुर्माना तय कइले बा, ऊ जुर्माना खुदे एगो शर्त वाला हस्तांतरण ह, अउरी ऊ आपन शर्तें पर जाला। जवन पक्ष पहुँचा ना सके ऊ कुछुओ ना लेलस; खाली ऊ पक्ष चोर बने ला जे पहुँचा सके ला बाकिर मना कर देला। फेर-बातचीत भी भंग ना ह, काहे कि ओकरा खातिर सभ पक्ष के सहमति चाहीं।